छात्रों के लिए दुविधा बन गया आधार कार्ड

कुल्लू। आधार कार्ड योजना कुल्लू जिले की सैंज घाटी के नौनिहालों के लिए दुविधा बन गई है। यहां के डेढ़ दर्जन प्राइमरी, मिडल, उच्च तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के सैकड़ों नौनिहाल स्कूल जाएं या फिर आधार कार्ड बनवाएं। 90 से 110 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय में चार-पांच दिन तक डेरा डालने के बाद भी नौनिहालों के आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। इलाके के स्कूली बच्चों के लिए केंद्र सरकार की यह सुविधा अब दुविधा बन गई है। कई दिनों तक धक्के खाने के बाद भी स्कूली बच्चे खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हैं। अभिभावकों ने 800 से एक हजार रुपये तक खर्च किए लेकिन आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
आधार कार्ड बनाने के लिए केंद्रों पर रोजाना सैकड़ों लोगों की भीड़ लग रही है। ऐसे में दूरदराज से आए ग्रामीण खासकर बच्चों को लाइन में घंटों खड़ा रहने पर भी उन्हें शाम को निराशा ही हाथ लग रही है। शैंशर पंचायत के प्राइमरी स्कूल सिहण की स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान महेंद्र पालसरा ने कहा कि शैंशर, शांघड, गाड़ापारली तथा देहुरीधार पंचायत में करीब एक दर्जन प्राइमरी स्कूल, दो माध्यमिक, एक उच्च तथा एक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल है। यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आधार कार्ड बनवाने के लिए 90 से 110 किलोमीटर का लंबा सफर कर भुंतर या जिला मुख्यालय ढालपुर पहुंचना पड़ रहा है। चार-पांच दिन से आधार कार्ड बनवाने के लिए बच्चे पहुंचे पर उन्हें खाली लौटना पड़ रहा है। आधार केंद्र पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है ऐसे में बच्चों का नंबर आ ही नहीं पाता है। उन्होंने उपायुक्त कुल्लू से घाटी के स्कूलों में ही आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
उपायुक्त शरभ नेगी कहते हैं कि आधार कार्ड को लेकर नियमित व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में 25 नए केंद्र खोलने की मांग की गई है। इसमें मोबाइल वैन की सुविधा भी शामिल होगी। इन नए केंद्रों को दुर्गम गांव तथा स्कूलों के बच्चों के कार्ड बनाने पर फोकस किया जाएगा।

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